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हैल्लो दोस्तों.. हमारा नाम सरबजीत है और में पंजाब का रहने वाला हूँ. दोस्तों आज मैं एक  सम्भोग गाथा बताना चाहता हूँ एक परजाई की जो पहले मूली से अपनी चूत की आग ठंडी करती थी. दोस्तों में बीटेक की पढ़ाई एक अच्छे कॉलेज से कर रहा हूँ.. जैसा कि आप सभी जानते ही है कि पेपर के बाद करीब डेढ़ महीने की छुट्टियाँ हो जाती है और में घर आ जाता हूँ। हमारे घर के सामने एक आंटी रहती है जो कि पंजाब की रहने वाली है। उनके दो बेटे हैं और उन दोनों की शादी हो गयी है। उनका छोटा वाला लड़का इंग्लेंड में रहता है और बड़ा यहीं पंजाब में ही रहता है और हमारे परिवार के उन सबसे बहुत अच्छे रिश्ते है।

सामने वाली आंटी की बड़ी बहू किरणजीत के एक लड़का था जो कि एक साल का था। उसके साथ खेलने के लिए में कभी कभी उनके घर चला जाता था। बड़ी परजाई और छोटी परजाई करमजीत दोनों का नेचर बहुत अच्छा है। वह दोनों ही हमारी बहुत इज़्ज़त करती है और जब भी में जाता तो दोनों मिलकर मुझसे मज़ाक किया करती थी.. लेकिन छोटी वाली परजाई कभी कभी ऐसी अजीब से बातें बोल देती थी और अपने शरीर को मुझसे कई बार टच भी कर देती थी.. लेकिन में ध्यान नहीं देता था। इसके बाद हमारा कॉलेज का तीसरा साल खत्म हुआ और में घर पर आया हुआ था। उस वक़्त सिर्फ़ छोटी परजाई ही घर पर थी और बड़ी परजाई के पापा भी थे.. लेकिन वह अपने घर में रहते थे जो कि हमारी गली में ही था। इसके बाद एक दिन में उनके घर पर गया तो छोटी परजाई बाथरूम में कपड़े धो रही थी और वह उस वक़्त घर पर अकेली थी। तभी वह बोली कि कुर्सी लाकर यहीं पर बैठ जाओ में अकेली बोर हो रही हूँ.. में कमरे के अंदर से कुर्सी लाया और बाथरूम के बाहर बैठ गया जहाँ पर धूप आ रही थी.. तभी हमने परजाई से पूछा कि..

में : परजाई आप कैसी हो?

परजाई : में तो ठीक हूँ.. तुम बताओ कब आए और कब तक रहना है?

में : में तो कल ही रात को आया हूँ और अब मुझे पूरे 1.5 महीने रहना है।

परजाई जब कपड़े धो रही थी.. तब वह गीली हो गयी थी और जिसकी वजह से उनके कपड़े पूरे बदन से चिपके हुए थे। में बता दूँ कि छोटी परजाई का बदन एकदम मस्त है और आपको पता होगा कि पंजाबी लड़कियों का फिगर कैसा होता है? कोई भी एक बार देख ले तो चोदने की ज़रूर सोचेगा। तभी हमने परजाई से पूछा कि बड़ी परजाई और आंटी कहाँ पर है.. तो उन्होंने बताया कि तुम्हारी आंटी इंग्लैंड गयी है अपने छोटे बेटे से मिलने और अब वह दोनों एक साल बाद ही आएँगे और तुम्हारी बड़ी परजाई के घर पर शादी है तो वह लोग वहाँ पर गये है। इसके बाद हमने पूछा कि क्या आप घर पर अकेली है? तो उन्होंने कहा कि नहीं तुम्हारे अंकल है और इसके बाद बातों बातों में ही परजाई ने मज़ाक करना शुरू कर दिया और इसके बाद उन्होंने हमारे ऊपर पानी फेंक दिया। ठंड में हमारे ऊपर पानी फेंका तो मुझे भी बहुत गुस्सा आया और मज़ाक में ही में उनके पास गया और इसके बाद हमने साबुन के झाग को उनके मुहं पर लगा दिया और वह भी लगाने की कोशिश करने लगी.. लेकिन हमने लगाने नहीं दिया और इसी बीच उनके बूब्स हमारे हाथों से टच हुए। में तो जैसे डर गया.. लेकिन उन्होंने कुछ नहीं कहा और इसके बाद में कपड़े बदलने चला आया।

इसके बाद रात को परजाई ने खाना बनाकर और खाकर मुझे बुलाया और जब में गया तो वह अकेली थी। उनके ससुर अपने कमरे में सोने चले गये थे और परजाई अपने बेड पर बैठी हुई थी.. तभी हमने पूछा कि क्या हुआ? परजाई मुझे क्यों बुलाया? तो उन्होंने कहा कि क्या में तुम्हे बुला नहीं सकती? इसके बाद हमने कहा कि अरे नहीं नहीं.. आप तो बुरा ही मान गयी। हमने पूछा कि आप इतने बड़े घर में क्या आप अकेली सोती है? तो उन्होंने मज़ाक में कहा कि क्यों क्या तुम हमारे साथ सोना चाहते हो? हमने कहा कि अरे नहीं में तो ऐसे ही पूछ रहा था। इसके बाद उन्होंने कहा कि क्या तुम्हे पैरो में ठंड नहीं लग रही? हमने कहा कि हाँ लग रही है और में उनके कहने पर उनकी लिहाफ में पैर डालकर उनकी उल्टी साईड में बैठ गया और हम दोनों बहुत देर तक बातें करते रहे और हमने महसूस किया कि परजाई अपने पैरो से हमारे पैरो को सहला रही है और कुछ कामुक सी लग रही है। तो में बहाना बनाकर वहाँ से चला आया।

इसके बाद अगले दिन उनके ससुर को कहीं पर जाना था तो वह हमारी माँ को बोल कर गये थे कि मुझे आज उनके घर सोने के लिए भेज दे.. क्योंकि उनकी बहूँ घर पर अकेली है। इसके बाद जब में घर पर आया तो माँ ने मुझे बताया और में सोने के लिए वहाँ पर चला गया और परजाई मुझे देखकर बहुत खुश हुई और बोली कि तुम बैठो में चाय बनाकर लाती हूँ.. कल की तरह में इसके बाद उनकी लिहाफ में बैठा था। तभी कुछ ही देर में वह चाय लेकर आई और हम बैठकर चाय पी रहे थे और बातें भी कर रहे थे। इसके बाद बातों ही बातों में हमने पूछा कि भैया कैसे है? तो वह थोड़ी सी उदास हो गयी इसके बाद जब हमने पूछा कि क्या हुआ? तो वह थोड़ी नाराज़ मन से बोली कि जहाँ भी होंगे वह तो खुश ही होंगे और हमारी बात काटते हुए उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? तो हमने कहा कि नहीं.. तो वह हैरान हो गयी और बोली कि क्यों झूठ बोल रहे हो सरबजीत? तभी में बोला कि सच में परजाई कोई नहीं है। इसके बाद उन्होंने कहा कि इसका मतलब तुमने कभी भी वह नहीं किया है और तुम अभी अनाड़ी हो.. लेकिन में समझ नहीं पाया तो वह बोली कि कोई बात नहीं.. ज्यादा सोचो मत। तभी में बोला कि ठीक है परजाई अब सोते है रात ज्यादा हो गयी है तो वह बोली कि आज हमारे साथ ही सो जाओ। तभी में बोला कि क्या परजाई आपको हर वक़्त मज़ाक ही सूझता है क्या? तो वह हंस पड़ी और गुड नाईट बोल कर सोने लगी। में भी बाहर आकर बरामदे में सो गया। तभी रात को करीब एक बजे हमारी नींद खुली तो परजाई के कमरे की लाईट जल रही थी.. जो कि ज़ीरो वॉट के बल्ब की थी। इसके बाद में दबे पैर परजाई के रूम के पास गया और उनकी खिड़की पर गया जो कि परजाई ने बंद नहीं की थी हमने खिड़की को थोड़ा सा खोला और देखा तो परजाई पूरी नंगी अपने बेड पर लेती हुई थी और अपनी आँखे बंद करके एक हाथ से अपने बूब्स दबा रही थी और उनके दूसरे हाथ में एक छोटी साईज़ की मूली थी.. जिसे वह अपनी चूत में डालकर अपनी चूत को चोद रही थी। तभी यह सब देखकर हमारा लंड भी अपनी पोज़िशन पर आ गया और दिल किया कि अभी जाकर परजाई की चूत में अपना लंड डालकर बहुत चोदूं.. लेकिन डर भी लग रहा था कि कहीं परजाई नाराज़ हो गयी तो और यह सोचकर में अपने बेड पर आया और अपने हाथ में लंड पकड़कर उसी तरह मुठ मारने लगा जिस तरह से चुदाई करते है और मूठ मारने के बाद सो गया।

इसके बाद सुबह परजाई ने ही मुझे उठाया और चाय पिलाई.. इसके बाद में अपने घर पर चला आया। उस दिन में कहीं पर घूमने नहीं गया और परजाई के बदन को याद करके कई बार मूठ मार चुका था अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था। शाम को इसके बाद में परजाई के घर गया। परजाई बैठी हुई कुछ सोच रही थी। हमने पूछा कि क्या हुआ परजाई क्या सोच रही हो? तो वह हमारी तरफ़ देखी और मुस्कुराते हुए बोली कि कुछ नहीं.. आओ बैठो। तभी में उनके पास बैठ गया और परजाई बोली कि तुम बैठो में चाय बना कर लाती हूँ इसके बाद हम आराम से बैठकर बातें करेंगे और वह चाय बनाने चली गई और में वहीं पर ही बैठा रहा और बेड पर जिस तरफ सर करके सोते है उधर ड्रॉ होता है। हमने उसे खोला तो पाया कि वही मूली परजाई ने उसमे रखी थी हमने मूली को ध्यान से देखा तो उस पर कुछ लगा हुआ था.. शायद परजाई की चूत का पानी होगा।

इसके बाद परजाई चाय लेकर आई तो मूली हमारे हाथ में ही थी और परजाई उसे हमारे हाथ में देखकर घबरा गयी और वह उसे मुझसे छीनकर किचन में ले गयी और वापस आ गयी। हमने पूछा कि अपने उसे यहाँ पर क्यों रखा था? तो वह हड़बड़ाते हुए बोली कि कुछ नहीं ऐसे ही.. इसके बाद हम बातें करने लगे और परजाई ने मुझसे पूछा कि तुम्हे बरामदे में ठंड तो नहीं लगी ना? तो हमने कहा कि नहीं तो वह समझ गयी कि में झूठ बोल रहा था और वह बोली कि आज तुम अंदर ही हमारे बेड पर सो जाना। में थोड़ा सा हड़बड़ाया तब वह बोली कि डरो मत में तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं करूँगी (मज़ाक करते हुए) तो हमने कहा कि ठीक है और में बाहर से अपनी लिहाफ लेकर आया और वह अपनी लिहाफ में और में अपनी लिहाफ में लेट कर बातें करने लगे.. बातें करते करते में सो गया। अब रात को पता नहीं कैसे हमारी लिहाफ नीचे गिर गयी जब मुझे ठंड लगी तो हमने परजाई की लिहाफ खींच कर ओढ़ ली.. शायद परजाई की नींद खुली थी तो उन्होंने मुझे अपनी लिहाफ में खीचा और अपना मुहं हमारी तरफ करके सो गयी। हमारा मुहं लिहाफ से ढका हुआ था इसलिए मुझे सांस लेने में प्राब्लम हुई तो हमारी नींद खुल गयी और इसके बाद आँख खोलते ही हमारे तो होश उड़ गये। परजाई नाईटी पहनकर सोई हुई थी और उनके मस्त बूब्स बेड पर आराम कर रहे थे। परजाई के मस्त गुलाबी और रसीले होंठ हमारे होंठो के बिल्कुल करीब थे। एक पल मुझे ऐसा लगा कि में परजाई के होंठ को चूस लूँ.. लेकिन अपने आप पर काबू करते हुए हमने सोने की कोशिश की.. लेकिन अब मुझे भी सेक्स की भूख सताने लगी थी.. जैसे कि स्वादिष्ट भोजन को देखकर भूख बढ़ जाती है वैसे ही परजाई की मस्त जवानी देखकर में सेक्स के लिए तड़पने लगा और हमारा लंड अंदर ही अंदर चुदाई के लिए भड़कने लगा लेकिन में डर भी रहा था कि कहीं परजाई ने बुरा मान लिया तो। तभी हमने सोचा कि हम दोनों एक ही लिहाफ में है और अगर में कुछ भी करूं तो परजाई को शक भी नहीं होगा और उन्हें लगेगा कि हमने नींद में हूँ ये सोच कर में आगे बड़ा और उनकी नाईटी के ऊपर से ही उनके बूब्स को सहलाने लगा और धीरे धीरे दबाने लगा और अब हमने अपने होंठ को उनके होंठो से सटा दिए क्या गरम गरम साँसे थी। में तो बहुत उत्तेजित हो गया था। मुझे अब किसी का डर नहीं था और में परजाई को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा। जिससे परजाई की आँख खुल गयी और जल्दी से वह मुझसे दूर हट गयी।

तभी में एकदम से डर गया.. परजाई ने गुस्से से पूछा कि यह क्या कर रहे हो? इसके बाद हमने कुछ नहीं बोला और चुपचाप बैठा रहा। तभी यह सब बोलकर परजाई सोने लगी जैसे ही परजाई लेटी में उनके ऊपर आ गया और बोला कि क्या परजाई आप भी कमाल करती हो? एक तरफ़ चूत में मूली डालकर अपनी प्यास बुझाती हो और जब लंड मिल रहा है तो नखरे कर रही हो। तभी यह बातें सुनकर परजाई मुझे ध्यान से देखने लगी और बोली कि कैसी बातें बोल रहे हो? हमने कहा कि हाँ परजाई हमने कल रात को आपको देखा था कि मूली से आप अपनी चूत आपको चोद रही थी। परजाई देखिए आप जवान है आपकी जवानी को देखकर सब आपको चोदना चाहते होंगे और अब आपके पति भी तो डेढ़ साल से इंग्लेंड में है आपको क्या लगता है? आप उनके पास नहीं है तो क्या वह किसी लड़की को नहीं चोदते होंगे.. नहीं वह हर रात किसी ना किसी को लड़की को चोदते होंगे और आप अपनी इस मस्त जवानी को यूँ ही गाजर, मूली डालकर बेकार कर रही हो और हमने भी तो आज तक किसी को नहीं चोदा। में इधर चूत के लिए तड़प रहा हूँ और आप लंड के लिए.. हम दोनों में आग बराबर की लगी है तो क्यों ना हम दोनों अपनी अपनी इच्छा को पूरा करे और इससे पहले कि परजाई कुछ बोलती हमने अपने होंठो परजाई के होंठो पर रख दिए और मस्ती के साथ उनके मस्त लाल लाल होंठो को चूसने लगा।

इसके बाद परजाई ने कुछ देर हमारा विरोध किया.. लेकिन उसके बाद वह भी मस्त होने लगी और मेर साथ देने लगी। अब में परजाई को पूरी मस्ती के साथ चूम रहा था और परजाई भी हमारा साथ दे रही थी और इसी मस्ती में परजाई ने हमारी शर्ट को खोल दिया और मुझे ज़ोर से पकड़ कर चूमने लगी। परजाई भी अब पूरे जोश में थी। हमने भी परजाई की नाईटी को निकालने की कोशिश की.. लेकिन परजाई हमारे नीचे थी इसलिए थोड़ी सी प्राब्लम हो रही थी। तभी परजाई ने कहा कि रूको में निकालती हूँ और परजाई उठी और उन्होंने अपनी नाईटी को उतार कर नीचे फेंक दिया और अब वह हमारे सामने पेंटी और ब्रा में थी वह अब पूरी कामुक हो चुकी थी। हमने उसे कम से कम 20 मिनट तक चूमा और इसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को चूमा और अब हमने परजाई की ब्रा को भी खोल दिया और उसकी पेंटी में अपना हाथ जैसे ही डाला वह एकदम से सिहर उठी और उसने उफफफफ्फ़ की आवाज़ निकाली। उसकी चूत एकदम गर्म और क्लीन शेव थी। शायद उसने आज ही चूत की सफाई की थी.. वह इतनी कामुक हो चुकी थी कि उसकी चूत एकदम गीली हो गई थी। अब हम दोनों ने किस्सिंग बंद की और हमने उसकी पेंटी को भी उतार फेंका। अब वह पूरी तरह नंगी थी। इसके बाद मुझे एक शरारत सूझी और में जल्दी से उठा और हमने लाईट चालू कर दी क्या बदन था उसका.. एकदम दूध जैसा। उसके बूब्स के तो क्या कहने.. वह ना तो ज्यादा बड़े थे और ना ही ज्यादा छोटे.. एकदम मजेदार गुलाबी निप्पल.. वह एकदम टाईट हो चुके थे। उसकी शेव की हुई चूत एकदम गुलाबी थी। देखने में ऐसा लग रहा था जैसे कि किसी कुवारीं की चूत है.. जो कभी भी चुदी ना हो। में तो उसे देखता ही रह गया।

तभी वह मुझे देखकर बोली कि कभी नंगी औरत नहीं देखी क्या? इसके बाद हमने कहा कि नहीं परजाई आपको पहली बार देखा है और ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई अप्सरा मुझसे चुदने आई है। आज तो हमारा नसीब खुल गया.. इस पर वह हंस पड़ी और उसकी नज़र हमारी अंडरवियर पर गयी। हमारा लंड तो जैसे परजाई की चूत को सलामी दे रहा हो.. यह देखकर परजाई ने बोला कि इधर आओ और अब में परजाई के पास गया और परजाई ने हमारी अंडरवियर उतार दी। अब हम दोनों ही नंगे हो चुके थे। तभी हमने कहा कि परजाई हमने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया.. तो परजाई बोली कि तुम टेंशन मत लो अब तुमने मुझे नंगा कर ही दिया है तो आज में तुम्हे कुछ सीखा ही देती हूँ। अब परजाई ने मुझे बेड पर लेट जाने को कहा और में लेट गया परजाई पहले हमारे मुहं के पास अपने बूब्स लेकर आई और बोली इन्हें चूसो और दबाओ। में एक हाथ से एक बूब्स को पकड़ कर दबा रहा था और एक बूब्स को चूस रहा था.. जिससे परजाई मस्ती में उफफफ्फ़ आअहह की आवाज़े निकाल रही थी और सिसकियाँ ले रही थी और इसके बाद कुछ देर बाद जब हमने दोनों बूब्स को चूस लिया तब परजाई ने मुझसे कहा कि अब तू हमारी चूत को चाटना। हमने कहा कि ठीक है और परजाई 69 पोज़िशन में आ गयी और उन्होंने अपनी गीली चूत को हमारे मुहं के पास कर दिया और में उनकी चूत की गहराई को अपनी जीभ से चाटने लगा और परजाई हमारे लंड को मुहं में लेकर अपने मुहं को चोदने लगी.. में तो जैसे जन्नत में आ गया था।

तभी परजाई इस तरह से हमारे लंड को चूस रही थी कि क्या बताऊँ? में भी परजाई की चूत को मज़े से चाट रहा था और इसके बाद परजाई हमारे लंड को मुहं से निकालकर कहती कि सरबजीत और ज़ोर से चाटो और कुछ ही देर में परजाई अपनी चूत को हमारे मुहं के ऊपर दबाने लगी और उनकी चूत से सफेद कलर का रस निकलने लगा। उस रस का स्वाद थोड़ा सा नमकीन था और में उसे चाटने की सोच ही रहा था कि तभी परजाई बोली कि चाट लो उस रस को.. तुम्हे बहुत मज़ा आएगा और अब में सारा रस चाट गया और परजाई हमारा लंड बड़े मज़े से चूस रही थी। परजाई ने अब हमारे लंड को चूसकर एकदम टाईट कर दिया था। अब परजाई हमारे पेट पर बैठ गयी और कहा कि अब देखो तुम्हारी परजाई तुम्हे किस तरह से स्वर्ग में ले जाती है और अपनी चूत के छेद को हमारे लंड के सुपाड़े पर धीरे से रखा और इसके बाद धीरे से दबाने लगी और जैसे ही थोड़ा सा उन्होंने दबाया उनके मुहं से अह्ह्ह की आवाज़ आई.. तो हमने पूछा कि क्या हुआ परजाई? तो वह बोली कि कुछ नहीं.. बहुत महीनो के बाद चुदी नहीं हूँ ना इसलिए हमारी चूत अभी टाईट है और तुम्हारा लंड मोटा है.. इसलिए लंड के अंदर जाने से मुझे तकलीफ़ हो रही है। इसके बाद उन्होंने कहा कि तुम उठो और में लेटती हूँ और तुम अपना लंड खुद हमारी चूत में डालो और जब तक पूरा लंड चूत में नहीं चला जाता तुम रुकना मत.. चाहे आज जो भी हो और अब में उठा और में परजाई को बेड पर लेटाकर उनके दोनों पैरो के बीच में आ गया और अपने लंड को परजाई की चूत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का मारा। इस धक्के से परजाई की चीख निकल गई और उनकी आँखो में आँसू आ गये। तभी यह सब देखकर में रुक गया और उनकी आँखो में आँसू देखकर हमने अपना लंड बाहर निकाल लिया।

तभी इस पर परजाई ने कहा कि डरो मत चुदाई में यह सब तो होता ही है। तुम थोड़ी देर रुक कर इसके बाद धक्का मारना। इसके बाद हमने कह कि ठीक है और में परजाई के ऊपर कुछ देर लेटकर उन्हें चूमता रहा और थोड़ी देर बाद अब हमने ज़ोर का धक्का मारा। इस बार परजाई को बहुत दर्द हुआ लेकिन हमारा पूरा लंड परजाई की चूत के अंदर चला गया था। परजाई दर्द से कराह रही थी.. हमने थोड़ी देर परजाई को किस किया और धीरे धीरे शॉट लगाना शुरू किया और कुछ देर तक परजाई को दर्द हुआ.. लेकिन अब वह मज़े लेने लगी थी। वह अब मादक आवाजें निकाल रही थी.. अयाआ ऑश आआहह और धीरे धीरे हमने अपनी रफ़्तार तेज की और परजाई भी पूरी जोश में आ गयी और अपने चूतड़ को उठाकर चुदवाने लगी और कहने लगी कि बस चोदते रहो हमारे राज़ा बड़ा मज़ा आ रहा है और उनकी प्यारी बातें सुनकर मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था और हमने अब और तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया।

तभी करीब 10 मिनट बाद मुझे ऐसा लगा कि जैसे में झड़ने वाला हूँ। तब हमने परजाई से कहा कि परजाई में झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने मुझे कहा कि थोड़ी देर रूको और किस करो हमने ऐसा ही किया और 5 मिनट बाद इसके बाद शॉट लगाना शुरू किया और 8 मिनट बाद इसके बाद में झड़ने वाला था तो अब परजाई भी शायद झड़ने वाली थी इसलिए वह लगातार बोल रही थी और ज़ोर से धक्के लगाओ और ज़ोर से चोदो मुझे और अपने चूतड़ को उठा उठाकर चुदवाने लगी। अब में बस झड़ने वाला था और शायद परजाई अब झड़ चुकी थी वह बोली कि सरबजीत अपना पानी हमारी चूत में ही डालो और हमने अपनी स्पीड बहुत तेज कर ली और में उसकी चूत में झड़ गया और परजाई के ऊपर निढाल होकर गिर गया और कुछ देर में ऐसे ही पड़ा रहा। 10 मिनट के बाद परजाई ने मुझे अपने ऊपर से हटाया और बोली कि सरबजीत तुम तो बहुत अच्छी चूत चुदाई कर लेते हो। आज तो तुमने हमारी तंग चूत की प्यास बुझा दी। में मुस्कुराया और परजाई के हाथ पकड़कर चूमने लगा। हमने उस रात परजाई को दो बार और चोदा और नंगे ही दोनों एक लिहाफ में सो गये उस रात को में कभी भूल नहीं सकता और उस रात के बाद में जब भी मौका पाता हूँ तो परजाई को ज़रूर चोदता हूँ और उस रात के बाद जब तक उनका पूरा परिवार नहीं आया.. हमने उन्हें रोज नंगा किया और उनकी चूत को अपने लंड का स्वाद दिया ।

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